उत्तराखंड की परियों की कहानी ll Story based on fairies ll Pariya ll uttrakhand me Pariya rahhti hai ll khet parvat


                
उत्तराखंड की परियों की कहानी

उत्तराखंड के घने जंगलों और शांत पहाड़ों के बीच एक छोटा-सा गांव था, जिसका नाम था चंदनगढ़। इस गांव को एक रहस्यमयी कहानी ने घेर रखा था। कहते थे कि रात के समय जब चांदनी धरती पर गिरती थी, तब जंगलों में परियां उतरती थीं। ये परियां केवल उन्हीं को दिखाई देती थीं, जिनका दिल सच्चा और निर्दोष होता था।
जंगल की पुकार:-
गांव में एक लड़की थी, जिसका नाम तारा था। तारा प्रकृति से बहुत प्यार करती थी और अक्सर जंगल में पेड़ों से बातें करती थी। लोग उसे अजीब समझते थे, पर तारा को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता था। उसे अपनी दादी से सुनी कहानियां याद थीं, जहां परियां अच्छे दिल वालों की मदद करती थीं।एक दिन गांव में सूखा पड़ गया। न नदी में पानी था, न खेतों में हरियाली। गांव के लोग परेशान थे। तारा को लगा कि उसे कुछ करना चाहिए। उसकी दादी ने बताया था कि अगर कोई चांदनी रात को चंद्रताल झील तक पहुंच जाए और परियों से प्रार्थना करे, तो उनकी मदद जरूर मिलती है।
चंद्रताल का सफर:-
तारा ने निश्चय किया कि वह परियों को ढूंढने जाएगी। वह रात के समय जंगल में अकेली निकल पड़ी। जंगल सघन और डरावना था, लेकिन तारा के मन में अजीब-सी हिम्मत थी। रास्ते में उसने चांदनी में चमकते फूल देखे, जो उसे चंद्रताल की ओर ले जा रहे थे।आखिरकार, तारा झील तक पहुंच गई। झील का पानी चांदी जैसा चमक रहा था। तभी झील के ऊपर एक अद्भुत नजारा हुआ। झील से सुनहरी रोशनी निकली और परियां प्रकट हुईं। वे बहुत सुंदर थीं, उनकी चमकीली पोशाकें सितारों से जड़ी हुई थीं।
परियों का वरदान:-
परियों की रानी ने तारा से पूछा, “तुम्हें हमसे क्या चाहिए, प्यारी लड़की?”
तारा ने कहा, “मेरे गांव के लोग बहुत परेशान हैं। हमें पानी और हरियाली चाहिए। कृपया हमारी मदद करें।”
परियां तारा की सच्चाई और निस्वार्थता से प्रभावित हुईं। उन्होंने झील के पानी से एक चांदी का घड़ा भरा और तारा को दिया। रानी ने कहा, “इस पानी को अपने गांव के कुएं में डाल दो। तुम्हारा गांव फिर से हरा-भरा हो जाएगा।”
गांव की खुशहाली:-
तारा ने वैसा ही किया। जैसे ही उसने घड़ा गांव के कुएं में डाला, चमत्कार हो गया। कुएं का पानी भर गया, आसमान में बादल छा गए, और बारिश होने लगी। गांव के खेत लहलहा उठे। लोग तारा का धन्यवाद करने लगे, लेकिन तारा ने सब कुछ परियों को समर्पित किया।कहते हैं, उस दिन के बाद तारा के गांव में कभी सूखा नहीं पड़ा। और हर चांदनी रात, लोग परियों के आगमन की आशा में जंगल की ओर देखते हैं।
शिक्षा:-
यह कहानी हमें सिखाती है कि सच्चे दिल और निस्वार्थ भाव से किया गया प्रयास हमेशा रंग लाता है। परियां केवल कल्पना में नहीं, बल्कि हर उस दिल में बसती हैं जो दूसरों की भलाई चाहता है।

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